UPI ने रचा इतिहास: भारतीयों ने किया ₹230 लाख करोड़ का रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन, विदेशों में भी तेजी से बढ़ा दायरा

नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत ने एक और बड़ी छलांग लगा दी है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI के जरिए वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे बड़ा लेनदेन दर्ज किया गया है। सरकार ने संसद को बताया है कि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक UPI ट्रांजैक्शन का कुल मूल्य 230 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

राज्यसभा में सरकार ने साझा किए आंकड़े

मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू स्तर पर UPI लेनदेन में लगातार तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, जहां वित्त वर्ष 2022-23 में UPI के जरिए कुल 139 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक यह आंकड़ा बढ़कर 230 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

भारत से बाहर भी तेजी से फैल रहा UPI

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि UPI अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा है। करेंसी कन्वर्जन के साथ UPI आठ देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है और वहां स्थानीय कानूनों के तहत इसका संचालन हो रहा है। इससे पहले संसद में दिए गए एक लिखित जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि फिलहाल UPI भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सक्रिय है।

वैश्विक विस्तार के लिए सरकार और RBI की साझा पहल

वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) मिलकर UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को लेकर लगातार काम कर रहे हैं। इसके तहत साझेदार देशों की फास्ट पेमेंट सिस्टम्स के साथ UPI को जोड़ा जा रहा है, ताकि सीमा-पार व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) रेमिटेंस और यात्रा से जुड़े व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान को और आसान बनाया जा सके।

दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली बना UPI

UPI की वैश्विक ताकत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मान्यता मिली है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की जून 2025 की रिपोर्ट ‘Growing Retail Digital Payments (The Value of Interoperability)’ में UPI को लेनदेन के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली बताया गया है। वहीं, ACI Worldwide की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम रिटेल पेमेंट्स में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी है, जो इसके तेज विस्तार और भरोसे को दर्शाती है।

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